BJMM – Bhartiya Janta Mazdoor Manch

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय जनता मजदूर मंच (BJMM) क्या है?

भारतीय जनता मजदूर मंच (BJMM) एक पंजीकृत ट्रेड यूनियन है जो श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। हमारा मुख्य उद्देश्य असंगठित और संगठित क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों का कल्याण, उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।

हाँ, भारतीय जनता मजदूर मंच “ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926” के तहत पंजीकृत है। यह हमें श्रमिकों की ओर से सामूहिक सौदेबाजी (Collective Bargaining) और उनके हितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का अधिकार देता है।

भारत का कोई भी श्रमिक या मजदूर जो किसी भी उद्योग, कारखाने, कृषि, निर्माण कार्य, या गीग इकोनॉमी (जैसे डिलीवरी बॉय, ड्राइवर) से जुड़ा है, वह हमारा सदस्य बन सकता है। हम विशेष रूप से समाज के निचले स्तर पर काम करने वाले भाइयों और बहनों की मदद के लिए तत्पर हैं।

सदस्य बनने पर आपको निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  • कार्यस्थल पर शोषण के खिलाफ कानूनी सहायता।

  • न्यूनतम मजदूरी और सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ।

  • बीमा, पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन।

  • विवाद की स्थिति में यूनियन का समर्थन और सामूहिक आवाज।

ऐसी स्थिति में, मजदूर हमारे पास शिकायत दर्ज करा सकता है। हमारी टीम पहले नियोक्ता (Employer) से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करती है। यदि समाधान नहीं निकलता, तो हम श्रम विभाग (Labour Department) और कानूनी माध्यमों से मजदूर का हक दिलाने की कार्रवाई करते हैं।

बिल्कुल। महिला श्रमिकों की सुरक्षा और उनके समान वेतन के अधिकारों के लिए BJMM का एक विशेष विंग कार्य करता है। हम महिला सशक्तिकरण और कार्यस्थल पर उनके सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आप हमारी आधिकारिक वेबसाइट https://bjmm.org.in/ पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं या हमारे कार्यालय के नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

यह श्रमिकों का एक संगठित समूह है जो अपने अधिकारों की रक्षा, वेतन में सुधार और काम की बेहतर परिस्थितियों के लिए मिलकर काम करते हैं।

यह वह प्रक्रिया है जहाँ यूनियन अपने सदस्यों की ओर से वेतन और शर्तों के लिए नियोक्ताओं के साथ बातचीत करती है।

यूनियन नीतिगत चर्चाओं में भाग लेकर और विधायकों के साथ पैरवी करके श्रम कानूनों को प्रभावित करते हैं। वे मौजूदा कानूनों पर प्रतिक्रिया देते हैं और नए नियमों की मांग करते हैं जो श्रमिकों के कल्याण के लिए जरूरी हों।

वे कार्यस्थल पर समान अधिकार, निष्पक्ष व्यवहार और गैर-भेदभाव की वकालत करते हैं। वे यह सुनिश्चित करने का काम करते हैं कि सभी श्रमिकों को उनकी पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना उचित वेतन और सुरक्षित वातावरण मिले।